परमात्मा कबीर साहेब जी ने ही हमे बताया है कि संसार में करोड़ों नाम (मंत्र) हैं उनसे मुक्ति नहीं होती, सारनाम से ही मुक्ति होती है लेकिन उस मंत्र को कोई नहीं जानता।
गरीब, जीव हिंसा जो करते हैं, या आगे क्या पाप। कंटक जुनी जिहान में, सिंह भेड़िया और सांप।। जो जीव हिंसा करते हैं उससे बड़ा पाप नहीं है। जीव हत्या करने वाले वे करोड़ो जन्म शेर, भेड़िया और साँप के पाते है अधिक जानकारी के लिए देखे कात्यायनी tv चेनल रात 8 बजे पूर्ण परमात्मा ने अपनी वाणी में कहा है कबीर, तिलभर मछली खायके, कोटि गऊ दे दान। काशी करौंत ले मरे, तो भी नरक निदान।। तिल के समान भी मछली खाने वाले चाहे करोड़ो गाय दान कर लें, चाहे काशी कारोंत में सिर कटा ले वे नरक में अवश्य जाएंगे
विश्व में धार्मिक व्यक्तियों की भरमार हैं प्रत्येक धर्म के अनुयाई अपनी साधना को सत्य मानकर पूर्ण श्रद्धा तथा लगन के साथ समर्पित भाव से कर रहे हैं एक दूसरे को देख कर या सुनकर धार्मिक क्रिया करने लग जाते हैं विशेष जांच नहीं करते हैं यही कारण है कि आध्यात्मिक लाभ से वंचित रहते हैं एक पूजा से लाभ नहीं होता है तो किसी के कहने से अन्य पूजा शुरु कर दी यदि हम कोई व्यापार या धंधा करने का विचार करते हैं तो पहले उसकी संपूर्ण जानकारी प्राप्त करते हैं परंतु धार्मिक लाभ लेने के लिए विवेक के स्थान पर एक दूसरे से सुनी धार्मिक क्रियाएं करते हैं या किसी को देखकर उसका अनुसरण करने लगते हैं उन धार्मिक क्रियाओं की सत्यता के लिए किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं समझते हैं पवित्र हिंदू धर्म को मानने वाले श्रद्धालु धार्मिकता से ओतप्रोत हैं जो मानव स्त्री पुरुष परमात्मा के प्रति तड़प रखता है यह उसके पूर्व जन्म के भक्ति कर्मों के शक्ति के कारण हैं वह भक्ति किए बिना नहीं रह सकता है वह बचपन में जो घर परिवार व क्षेत्र में किसी देवी देवता या बाबा सिद्ध कि साधना पूजा की परंपरा चल रही होती हैं उसे पूरी लगन से करता है ...
देवता भी मनुष्य जीवन को तरसते हैं क्योंकि मोक्ष मनुष्य जीवन में ही हो सकता है। और परमात्मा का विधान है कोई भी नशा करने वाला मोक्ष प्राप्त नहीं कर सकता और आप इस अनमोल जीवन को शराब पीने में बर्बाद कर रहे हो। सतभक्ति से शराब छूट सकती है। आज संत रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश लेकर हज़ारों व्यक्ति शराब छोड़ चुके हैं और उनके परिवार में खुशहाली आई है।
Comments
Post a Comment